अमरावती/ महाराष्ट्र में अमरावती जिले के डोमा आदिवासी आश्रम स्कूल के छात्रों में अचानक अजीबोगरीब और असामान्य व्यवहार की सूचना प्राप्त हुई है. भूत-प्रेत की अफवाहों और डर के कारण सैकड़ों छात्राएं हॉस्टल छोड़ अपने-अपने घर गयी है. अमरावती जिले के मेलघाट अंतर्गत धारणी तालुका स्थित डोमा आदिवासी आश्रम स्कूल में कुछ स्टूडेंट्स में अजीब और डरावने लक्षण दिखे हैं.
जैसे ही यह अफवाह फैली कि यह एक तरह का भूत है, माता-पिता डर के मारे अपने बेटे-बेटियों को आश्रम स्कूल से घर वापस ले जाने लगे.
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अचानक रोने-हंसने की अजीब हरकतों के बाद 300 से अधिक छात्राएं भागीं. घटनाक्रम करीब सात से आठ दिन पुराना बताया जा रहा है. डोमा स्थित आदिवासी आश्रम स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली करीब 15 से 16 छात्राओं का व्यवहार अचानक सामान्य से बिल्कुल अलग हो गया.
कुछ छात्राओं ने दावा किया कि उन्हें रात में घुंघरुओं के बजने जैसी रहस्यमयी आवाजें सुनाई देती हैं. इस बात से हॉस्टल में खौफ का माहौल बन गया. जैसे ही यह खबर स्कूल परिसर से निकलकर आसपास के गांवों में फैली, देखते ही देखते छात्राओं को ‘भूतबाधा’ होने की अफवाह ने तूल पकड़ लिया.
डोमा के इस आश्रम स्कूल में 263 लड़के और 345 लड़कियां रेसिडेंशियल तौर पर पढ़ती हैं. एक स्टूडेंट में बिना किसी वजह के रोने, ज़ोर-ज़ोर से हंसने, अचानक चिल्लाने, शांत बैठने और किसी भी बात पर रिस्पॉन्ड न करने जैसे लक्षण दिखे. अमरावती से एक स्पेशल काउंसलिंग टीम बुलाई गई, क्योंकि दूसरी लड़कियों में भी तेज़ी से यही लक्षण मिलने लगे.
प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने भूत-प्रेत या किसी भी तरह के अंधविश्वास के दावों को सिरे से खारिज कर दिया. चिकित्सकों और मेडिकल ऑफिसर का कहना है कि यह ‘मास हिस्टीरिया’ से जुड़ी एक मानसिक स्थिति हो सकती है, जो अक्सर एक जगह साथ रहने वाले बच्चों या किशोरियों में तनाव और डर के कारण फैल जाती है.

