प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को भेज दिया है।
जस्टिस वर्मा मार्च 2025 में अपने आवास पर कथित रूप से भारी मात्रा में नकदी पाए जाने के बाद से ही विवादों के घेरे में थे।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, जस्टिस यशवंत वर्मा को हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय से वापस उनके मूल कैडर इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था।
यह तबादला उनके आवास पर मिली संदिग्ध नकदी से जुड़े विवादों और शिकायतों के बाद किया गया था।
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उन्होंने 5 अप्रैल, 2025 को इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में दोबारा शपथ ली थी, लेकिन उनके खिलाफ चल रही जांच ने उनका पीछा नहीं छोड़ा।
आवास से मिली थीं नोटों की गड्डियां
जस्टिस वर्मा जब दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश थे, तब 14 मार्च 2025 को देर शाम उनके दिल्ली के सरकारी आवास में आग लग गई थी और आग बुझाने पहुंचे अग्निशमन दस्ते को उनके घर के स्टोर रूम में भारी मात्रा में जले हुए नोटों की गड्डियां मिली थीं।
घटना के वक्त जस्टिस वर्मा घर पर मौजूद नहीं थे, वे मध्य प्रदेश में थे। उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया। यहां भी उनका जमकर विरोध हुआ था। इसका परिणाम यह हुआ था, उन्हें केसों की सुनवाई से अलग रखा गया था।

