सूरजपुर। 21 जुलाई।
महामाया ओपन कास्ट परियोजना से प्रभावित नगर पंचायत जरही तथा ग्राम पंचायत दूरती एवं मरहट्टा सेंधोपारा के भूस्वामियों ने मंगलवार को अपनी लंबित रोजगार, विस्थापन एवं पुनर्वास संबंधी मांगों को लेकर एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान भूस्वामियों ने महाप्रबंधक कार्यालय के दोनों प्रवेश द्वारों पर धरना देते हुए लगभग सात घंटे तक कार्यालय के दोनों गेट बंद रखे, जिससे कार्यालय का सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। वहीं कार्यालय समय समाप्त होने के बाद अधिकारी एवं कर्मचारियों को बाहर निकलने और घर जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान करीब दो घंटे तक एसईसीएल का कोयला परिवहन भी प्रभावित रहा, जिससे मुख्य मार्ग पर कोयला वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में प्रभावित भूस्वामी अपनी मांगों के समर्थन में डटे रहे और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भूस्वामियों का कहना था कि उनकी भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित किए जाने के वर्षों बाद भी अनेक पात्र परिवार रोजगार, विस्थापन एवं पुनर्वास के वैधानिक अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी एसईसीएल प्रबंधन द्वारा मांगों के निराकरण का लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके चलते प्रभावित परिवारों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन की सूचना पहले से प्रशासन को दिए जाने के कारण मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। थाना प्रभारी बृजेश सिन्हा पुलिस बल के साथ पूरे समय मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस की मौजूदगी में पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ तथा कानून-व्यवस्था बनी रही।
इस दौरान नायब तहसीलदार जरही भी स्वयं मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने प्रभावित भूस्वामियों और एसईसीएल प्रबंधन के बीच चर्चा कराते हुए कंपनी के अधिकारियों को मांगों पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने तथा समय-सीमा के भीतर उचित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भूस्वामियों के प्रतिनिधियों के अनुसार, नायब तहसीलदार के समक्ष एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के अधिकारियों ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद तत्काल आंदोलन को स्थगित कर दिया गया। हालांकि प्रभावित भूस्वामियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा के भीतर रोजगार, विस्थापन एवं पुनर्वास संबंधी लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में इससे भी अधिक व्यापक एवं निर्णायक लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।
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