अंबिकापुर। 28 जुलाई।
महामाया पहाड़ पर शनिवार की सुबह मिले सड़े-गले शव का मामला अब संदेह के घेरे में आ गया है। मृतक की पहचान होने के बाद मंगलवार को पुलिस ने परिजनों की मांग पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कब्र खुदवाकर शव को बाहर निकलवाया और वैधानिक प्रक्रिया के तहत शव को परिजनों को सौंपने की कार्यवाही की जा रही है।
विदित हो कि शहर के महामाया पहाड़ पर तीन दिन पूर्व एक शव पेड़ से फांसी पर लटका मिला था। शव बुरी तरह सड़ चुका था, सिर्फ सिर का हिस्सा ही फंदे से लटका था। मृतक की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने इसे मौके पर ही अज्ञात का शव मानकर दफन करवा दिया था। मामला समाचारों की सुर्खियों में आने के बाद करीब पखवाड़ा भर पूर्व गायब हुए मायापुर निवासी शुभम कश्यप की पत्नी सहित अन्य संबंधी कोतवाली थाना पहुंचे और मौके पर मिले चप्पल, कपड़े को देखने के बाद दावा किया है कि, शव शुभम का ही है। इनके द्वारा शव मिलने के तरीके पर संदेह जताते हुए पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की।
यह भी आरोप लगाया कि कोतवाली थाना से कुछ फासले पर रहने के बाद भी उन्हें महामाया पहाड़ में किसी का शव मिलने की सूचना नहीं मिल पाई, जबकि उन्होंने थाने में गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी थी। शव को दफन करने का पता समाचार माध्यमों से उन्हें चला। इनका आरोप है कि शुभम की हत्या के बाद लाश को फांसी पर लटकाने की साजिश रची गई हो, ऐसा भी हो सकता है। इनकी शिकायत और हत्या की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार को मजिस्ट्रेट के मौजूदगी में कब्र खुदवाकर शव को बाहर निकलवाया है। अब बिसरा सहित शरीर के सड़-गल चुके अवशेष को अन्य फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा, ताकि मौत का सही कारण स्पष्ट हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महामाया पहाड़ में मिले अज्ञात शव को बाहर निकलवाकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
अमोलक सिंह ढिल्लो, एएसपी सरगुजा

