अंबिकापुर। 25 जुलाई। जेल से रिहाई की खुशी कुछ घंटों की रही। हत्या के मामले में सजा की अवधि शुक्रवार, 24 जुलाई को दोपहर 12.30 बजे पूरी हो रही थी। इसकी खबर मिलने पर बेटी अपने पिता को लेने आई थी, तो उसे पता चला कि, उसके पिता बीमार हैं उन्हें मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो घंटे के बाद ही इलाज के दौरान वृद्ध पिता की मौत हो गई। पिता को लेने के लिए आई हुई बेटी के आंसू नहीं रूक रहे थे बाद में वह पिता के शव के साथ वहां से घर के लिए निकल गई।
जानकारी के अनुसार मृतक श्यामजतन साय पिता स्व. सोनसाय चेरवा 66 वर्ष, अंबिकापुर के गांधीनगर थाना अंतर्गत ग्राम खलीबा, हरिजनपारा का रहने वाला था। करीब सात वर्ष पूर्व पुलिस ने उसे पत्नी की हत्या के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। न्यायालय ने अभियुक्त को 7 साल की सजा सुनाई थी, और वह केंद्रीय जेल में सजा काट रहा था। जेल में रहने के दौरान पेचिस की शिकायत पर उसे जेल प्रशासन ने उपचार के लिये मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर में 23 जुलाई को भर्ती कराया था, यहां जेल वार्ड में उसका उपचार चल रहा था। इधर अगले दिन शुक्रवार, 24 जुलाई को सजा अवधि 12.30 बजे पूरी हो रही थी, और जेल प्रशासन को उसे रिहा कर देना था। इसकी सूचना जेल प्रबंधन ने श्यामजतन के घर वालों को दी थी। शुक्रवार को उसकी बेटी सानिया अपने पिता को लेने के लिए केंद्रीय जेल दोपहर करीब 12 बजे पहुंची तो पता चला कि रिहाई में आधे घंटे शेष हैं, और उसके पिता को पेचिस होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिता से मिलने के लिए लालायित सानिया अस्पताल के जेल वार्ड में पहुंची, तो यहां उसके पिता भर्ती थे और उनका उपचार चल रहा था। यहां देखरेख के लिए प्रहरी भी मौजूद थे।
दोपहर 12.30 बजते ही सानिया को जानकारी दी गई कि, उसके पिता की सजा अवधि पूरी हो चुकी है, और उन्हें रिहा कर दिया गया है। उसे इलाज के बाद घर ले जाने के लिए कहा गया। पिता के इलाज की जिम्मेदारी बेटी और साथ में आए स्वजन को सौंपकर प्रहरी चले गए। इलाज चल ही रहा था, इस बीच दोपहर करीब 2.30 बजे तक चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया जिससे कोहराम की स्थिति बन गई। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रथम दृष्टया तबीयत बिगड़ने से मौत की संभावना को बल मिल रहा है।
सात साल की सजा समाप्ति के बाद श्यामजतन साय की रिहाई 24 जुलाई को दोपहर 12.30 बजे होनी थी। बीमार रहने के कारण उसे 23 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिहाई का समय पूरा होने के बाद उसे स्वजन के सुपुर्द कर दिया गया था।
अक्षय सिंह राजपूत, अधीक्षक, केंद्रीय जेल अंबिकापुर


