दिल्ली। वेनेजुएला से भारत वापस लाए गए एक भारतीय नाविक के शव को देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. पीड़ित परिवार का आरोप है कि मृतक के शरीर से कई अंग गायब हैं. ‘फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया’ (FSUI) ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
मृतक नाविक की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले राकेश चौहान के तौर पर हुई है. बताया जा रहा है कि वेनेजुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके शव को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत भारत भेजा गया. लेकिन शव की जो हालत थी, उसने मौत के कारणों पर गहरा संशय पैदा कर दिया है.
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वेनेजुएला प्रशासन ने नहीं सौंपी पोस्टमार्टम रिपोर्ट
FSUI (फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया) का कहना है कि वेनेजुएला के अधिकारियों ने नाविक राकेश चौहान का शव तो भारत भेज दिया, लेकिन मौत की वजहों को लेकर कोई साफ जानकारी नहीं दी. सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि शव के साथ कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट या विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज भी परिवार को नहीं सौंपे गए, जिससे यह पता चल सके कि आखिर उनकी मौत किन हालातों में हुई थी.
आधिकारिक जानकारी और जरूरी दस्तावेजों के न होने की वजह से पीड़ित परिवार शुरू से ही गहरे सदमे और आशंकाओं में था. इसके बाद जब शव भारत पहुंचा, तो सच जानने के लिए यहां के डॉक्टरों से दोबारा जांच कराने का फैसला लिया गया. जैसे ही परिवार ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया तब उन्हें पता चला कि शव के कई अंग गायब हैं.
देवरिया जिले के लंगड़ा बाजार टोला निवासी राकेश चौहान पिछले साल नवंबर में मर्चेंन्ट नेवी नौकरी करने के लिए वेनेजुएला गए थे. 2023 मे राकेश की शादी हुई थी. उनका 6 महीने का एक बेटा है. परिवार वालों ने बताया कि राकेश की मौत की खबर उनके ऑफिस से आई थी और कहा गया था कि 60 दिन में शव मिल जाएगा.
परिवार का कहना है कि ऑफिस से जानकारी मिली थी कि राकेश जहाज पर गिर गए हैं और उन्हें चोट लगी है, जिसका इलाज चल रहा है. फिर दूसरे दिन बताया गया कि 95 प्रतिशत बचने की उम्मीद नहीं है. फिर शाम को राकेश चौहान की मौत की खबर आई. फिर बहुत मुश्किलों के बाद राकेश का शव भारत आया. लेकिन भारत में डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम करने से इनकार कर दिया.

