चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक निजी सीफूड प्रोसेसिंग एवं निर्यात फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। मृतकों में सभी महिलाएं शामिल हैं, जो ओडिशा की प्रवासी श्रमिक थीं। इस हादसे में कुल 77 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, जबकि 68 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
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राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, यह घटना 21 जून को पेरियापालयम के निकट कनिगईपैर क्षेत्र स्थित फैक्ट्री में नियमित कार्य के दौरान हुई। जहरीली अमोनिया गैस के संपर्क में आने से कर्मचारियों को सांस लेने में कठिनाई, लगातार खांसी, सीने में दर्द, आंखों में जलन और श्वसन तंत्र में परेशानी जैसी गंभीर समस्याएं हुईं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित मजदूरों में से 28 का इलाज वेल्स अस्पताल, 18 का वेंकटेश्वर अस्पताल, 12 का राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल तथा 10 का स्टेनली अस्पताल में चल रहा है।
दो मरीजों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। इलाज करा रहे मजदूरों में 29 ओडिशा, 20 असम, आठ झारखंड, पांच तमिलनाडु, तीन केरल और एक बंगाल के निवासी है, जबकि दो अन्य की पहचान की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
वहीं, राज्य के श्रम कल्याण मंत्री जे. मोहम्मद फरवास ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि मृतक महिलाओं के शव उनके गृह राज्यों को भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
इस बीच, घटना को लेकर तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरा। द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने गैस रिसाव मामले पर चर्चा की मांग की, जिसके बाद अन्नाद्रमुक सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।

