नई दिल्ली: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में क्रूज मिसाइलों से संयुक्त अरब अमीरात के दो टैकरों को निशाना बनाया। इसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई। इस हमले में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक घायल हैं। इस घटना को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जताई है। MEA ने होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर अटैक को लेकर टिप्पणी की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय दो जहाजों, MT अल बाहिया और MT मोम्बासा पर हुए हमलों को लेकर भारत को गहरी चिंता है।
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होर्मुज अटैक पर MEA का बयान
MEA ने स्टेटमेंट में कहा, ‘दोनों जहाजों में मौजूद सभी 46 क्रू सदस्यों में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। MT अल बाहिया पर सवार 12 भारतीयों में से एक सदस्य की दुखद मौत हो गई है और एक अन्य घायल हो गया है। MT मोम्बासा पर सवार 18 भारतीयों में से 9 घायल हुए हैं, जिनमें से 2 के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। हम मृतक भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।’
विदेश मंत्रालय ने कह दी ये 5 बड़ी बातें
विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के बीच UAE में हमारा मिशन और पोस्ट स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। प्रभावित भारतीय नाविकों को हरसंभव मदद सुनिश्चित करने के लिए UAE अधिकारियों के संपर्क में हैं।
यही नहीं आज सुबह विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया। उनके समक्ष इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।
MEA ने आगे कहा कि हम इन हमलों और नाविकों को निशाना बनाने और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से मुक्त और सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने वाली हिंसा की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं।
हम पश्चिम-एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और तनाव बढ़ने पर अपनी गहरी चिंता भी दोहराते हैं। क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के हित में हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत-कूटनीति का रास्ता अपनाने का आह्वान करते हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि विशेष रूप से, क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। ऐसा इसलिए जिससे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, क्षेत्र के इंटरनेशनल जलमार्गों से मुक्त और निर्बाध आवाजाही और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।

