इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत ने न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में अभूतपूर्व कामयाबी हासिल करने से पड़ोसी पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है। पाकिस्तान ने भारत PFBR रिएक्टर में सफलता पर चेतावनी जारी करना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के आर्म्स कंट्रोल एडवाइजर और स्ट्रैटजिक प्लान्स डिवीजन के सदस्य जाहिर काजमी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने भारत की इस ऐतिहासिक कामयाबी पर ‘अलर्ट’ जारी किया है। उन्होंने लिखा है ‘तमिलनाडु के कल्पक्कम में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR), जिसकी घोषणा PM मोदी ने 6 अप्रैल 2026 को की है वो IAEA के सुरक्षा उपायों के दायरे से बाहर है।’
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दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि भारत ने PFBR रिएक्टर में सफलता हासिल कर ली है। दुनियाभर से इसको लेकर बधाई संदेश मिल रहे हैं। सबसे खास बात ये है कि भारत का ये प्रोजेक्ट बिल्कुल स्वदेशी है। इसे भारत के एनर्जी सेक्टर के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। बहुत आसान शब्दों में समझें तो भारत ने ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में दुनिया के सबसे उन्नत देशों की कतार में अपनी जगह पक्की कर ली है। आने वाले वक्त में भारत को इससे जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता लगातार कम करने में मदद मिलेगी।
पाकिस्तान ने भारत पर PFBR को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
जाहिर काजमी ने अपने पोस्ट में लिखा है ‘मोदी की पोस्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि इसने (भारत ने) क्रिटिकैलिटी (पहली लगातार चेन रिएक्शन) हासिल कर ली है। यह 500 MWe का स्वदेशी सोडियम-कूल्ड फास्ट ब्रीडर रिएक्टर मिक्स्ड-ऑक्साइड (MOX) ईंधन (प्लूटोनियम-यूरेनियम) का इस्तेमाल करता है और यूरेनियम ब्लैंकेट के जरिए, जितना विखंडनीय पदार्थ यह इस्तेमाल करता है उससे ज्यादा उत्पन्न करता है। इस तरह यह अतिरिक्त प्लूटोनियम बनाता है (और भारत के कार्यक्रम के तीसरे चरण में थोरियम के इस्तेमाल का रास्ता खोलता है)।

