नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के साथ संभावित जमीनी सैन्य टकराव की आशंका के बीच ईरान ने कड़ा संदेश दिया है।
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सैनिक ईरानी भूमि पर उतरे तो उन्हें “ऐसी आग में झोंक दिया जाएगा जिसे क्षेत्रीय सहयोगी भी लंबे समय तक याद रखेंगे।” उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइलें पूरी तरह तैनात हैं, जवाबी हमले जारी हैं और देश की सैन्य प्रतिबद्धता पहले से अधिक मजबूत हुई है।
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शर्त को स्वीकार नहीं करेगा ईरान
सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अतिरिक्त निगरानी, मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं, होर्मुज जलमार्ग में नौवहन सामान्य करने, कुछ प्रतिबंधों में आंशिक राहत और क्षेत्रीय तनाव घटाने जैसे बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि तेहरान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह ऐसी किसी शर्त को स्वीकार नहीं करेगा जिसे आत्मसमर्पण के रूप में देखा जाए।
एएनआई के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ग्रीस के विदेश मंत्री जार्जियोस गेरापेत्रितिस से फोन पर बातचीत में आशंका जताई कि अमेरिका और इजरायल युद्ध का दायरा बढ़ाने के लिए तीसरे देशों को इसमें खींच सकते हैं या ‘फाल्स फ्लैग आपरेशन’ करा सकते हैं, यानी ऐसे हमले जिनका आरोप बाद में ईरान पर लगाया जाए।
ईरान ने जनता से लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया
ईरानी नेतृत्व ने घरेलू स्तर पर भी जनता से लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। तेहरान, मशहद और इस्फहान सहित कई शहरों में सरकार समर्थक रैलियां हुईं, जहां अमेरिका विरोधी नारे लगे। गालीबाफ ने कहा कि यह संघर्ष केवल सैन्य मोर्चे का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय धैर्य और राजनीतिक इच्छाशक्ति की भी परीक्षा है।
एपी के अनुसार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आइआरजीसी) के पास बड़ी संख्या में ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइलें और तटीय रक्षा प्रणालियां हैं, जिससे खार्ग, लारक और अबू मूसा जैसे द्वीपों में लड़ाई लंबी खिंच सकती है। ईरानी सेना ने भी कहा है कि जमीनी हमले की स्थिति में अमेरिकी सैनिकों को आग में झोंक देंगे।

