रायपुर। 23 जुलाई। राजधानी रायपुर में भाजपा के प्रदर्शन के दौरान 15 पुलिसकर्मियों के घायल होने पर कांग्रेस के 12 नेताओं पर एफ़आईआर दर्ज की गयी है। रायपुर पुलिस ने बीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर बोतलें, पत्थर और अन्य सामान फेंकने के आरोप में कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस घटना में कम से कम 15 पुलिसकर्मी घायल हुए।
दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के आवास के बाहर राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में छत्तीसगढ़ में भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में बुधवार को प्रदर्शन किया और प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। इस प्रदर्शन में भाजपा के कई मंत्री, विधायक और अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह पुलिस संरक्षण में भाजपा सरकार द्वारा कराया गया पूर्वनियोजित हमला था।
खम्हारडीह थाना प्रभारी भवेश कुमार गौतम की शिकायत पर उसी थाने में दर्ज एफ़आईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाने, रिजर्व सेंटर और अन्य थानों के पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। एफ़आईआर में कहा गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पार्टी कार्यालय से बैरिकेड की ओर विपरीत दिशा से पहुंचे। एफ़आईआर में कहा गया है कि पुलिस द्वारा उन्हें रोकने और शांत रहने के लिए बार-बार समझाने के बावजूद उन्होंने बात नहीं मानी, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और अभद्र व्यवहार किया।
FIR में आरोप लगाया गया है कि पुलिस द्वारा संयम बरतने और लगातार स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की करते हुए पुलिसकर्मियों पर कांच की बोतलें, लकड़ी के डंडे, पत्थर और जूते फेंके। एफ़आईआर में कहा गया है कि पुलिस अधिकारी देवराज सिंह के सिर में चोट लगी, महिला कांस्टेबल सीमा बंजारे के हाथ में चोट आई और इस घटना में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोका, लोक सेवकों के खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग किया और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के प्रयास किये। FIR में कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं को नामजद किया गया है, जिनमें सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी और हनी बग्गा शामिल हैं। थाना प्रभारी गौतम ने बताया कि घटना में 12 से 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, “अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच जारी है।”
वहीं, एफ़आईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पतिवार को भाजपा पर कांग्रेस मुख्यालय पर सुनियोजित हमला कराने का आरोप लगाया। बघेल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रदर्शन के दौरान जूते फेंके जाने का कथित वीडियो साझा किया और आरोप लगाया कि राज्य के मंत्रियों समेत भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय और उसके कार्यकर्ताओं पर हमला किया जबकि पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछारें कीं।
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई कार्रवाई के कुछ दिनों बाद गुरुवार को नागपुर में संविधान चौक के पास विरोध प्रदर्शन के बाद 150 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। वे नारे लगा रहे थे और पिछली रात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में पोस्टर लिए हुए थे। पुलिस ने बताया कि आज हुए विरोध प्रदर्शन के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी।

