सूरजपुर (प्रतापपुर)। 05 अगस्त। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम धोंधा में लोक निर्माण विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से निर्मित रपटा पहली ही बारिश में बह जाने के बाद भी अब तक न तो जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच पूरी हो सकी है। रपटा बहने से दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित है और बरसात के बीच ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी-नालों को पार करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम धोंधा में निर्मित रपटा पुलिया का निर्माण हुए एक वर्ष भी नहीं हुए है उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता और अधिकारियों-ठेकेदार की मिलीभगत के कारण सरकारी राशि की खुली बर्बादी हुई और घटिया निर्माण के कारण पहली ही बारिश के बहाव में रपटा पुलिया भी बह गया।
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रपटा बहने के बाद क्षेत्र के कई गांवों का आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रपटा बहने की जानकारी पर प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक ने भी मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज तक न तो जांच का परिणाम सामने आया और न ही किसी अधिकारी या ठेकेदार पर कार्रवाई हुई है इससे लोगों में यह धारणा बन रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और आवागमन बहाल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे।

