नई दिल्ली: भारत के पहले पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ( DRDO ) ने बड़ा कदम बढ़ाया है। डीआरडीओ ने देश के पहले एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के प्रोटोटाइप बनाने के लिए 6 कंपनियों या कुल तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है। भारत इस फाइटर जेट के भारतीय इंजन बनाने के लिए पहले से ही फ्रांस के साथ मिलकर काम कर रहा है। भारतीय वायु सेना को स्टील्थ टेक्नोलॉजी वाले लड़ाकू विमानों की अत्यंत आवश्यकता है।
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एएमसीए के लिए कितनी कंपनियां शॉर्टलिस्ट
डीआरडीओ ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के प्रोटोटाइप के लिए बोली लगाने वाली कुल 6 कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिनके कुल तीन समूह हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का एक कंसोर्टियम और भारत फोर्ज, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड और डेटा पैटर्नस के भी एक कंसोर्टियम शामिल हैं।
दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट एएमसीए
एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट या एएमसीए भारत का पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट है। यह एक सिंगल सीट और दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है। इस लड़ाकू विमान में एडवांस्ड स्टील्थ कोटिंग होगी, ये इंटर्नल वेपन वे और अगली पीढ़ी के एवियोनिक्स से भी लैस होंगे। स्टील्थ का मतलब है कि दुश्मनों के अत्याधुनिक रडार सिस्टम भी इस लड़ाकू विमान की भनक तक नहीं लगा सकेंगे।

