झारखंड / इन पुलिसकर्मियों में 10 सब-इंस्पेक्टर, 5 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 2 हवलदार और 11 सिपाही शामिल हैं. निलंबित पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि इन्होंने आठ महीने पहले हुए पुष्पा महतो के अपहरण और हत्या के अभियुक्त के साथ सांठगांठ कर केस की जांच को कमज़ोर किया.पुष्पा महतो के पिता अनंत सिंह की आंखों में आंसू हैं. उनके चेहरे पर बेटी से अब कभी न मिल पाने का ग़म और बेटी के लिए इंसाफ़ की लंबी लड़ाई लड़ने की चिंता साफ़ नज़र आती है.
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लेकिन हालिया कार्रवाई से उन्हें थोड़ी तसल्ली मिली है. वो कहते हैं, “पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ ये कार्रवाई घटना के लगभग आठ महीने बाद झारखंड हाईकोर्ट के दख़ल से संभव हुई है.दरअसल हाईकोर्ट के दख़ल के बाद झारखंड पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा के आदेश पर ज़िला पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने एक एसआईटी का गठन किया था. इस कार्रवाई से ठीक पहले इस एसआईटी ने मुख्य अभियुक्त दिनेश महतो को 11 अप्रैल की सुबह गिरफ्तार किया.मुख्य अभियुक्त से हुई पूछताछ के बाद 11 अप्रैल की शाम एसआईटी ने पुष्पा महतो के कथित कंकाल के अवशेष उसके कॉलेज से एक किलोमीटर दूर जंगल से बरामद किए.

