बलरामपुर। 15 अक्टूबर।
जिले के थाना पस्ता क्षेत्र में एक शासकीय स्कूल के सहायक शिक्षक को धमकाकर रुपये मांगने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने यूट्यूबर दीपक यादव सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि थाना पस्ता अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला पुटसु में पदस्थ सहायक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के अनुसार, यूट्यूबर दीपक यादव और उसके सहयोगियों द्वारा अपने फाउंडेशन के लिए दस हजार रुपये की मांग की गई थी। गत 25 अगस्त को दोपहर के समय श्रवण यादव और सूर्या यादव विद्यालय पहुंचे और बिना अनुमति के वीडियो बनाने लगे। इस दौरान प्रार्थी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा पैसे न देने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनाम करने और नौकरी से निलंबित करवाने की धमकी दी गई।
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प्रार्थी की रिपोर्ट के आधार पर थाना पस्ता में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। जांच के दौरान गवाहों के कथन दर्ज किए गए, घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो से संबंधित पेन ड्राइव व अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। प्रकरण में मुख्य आरोपी दीपक यादव द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में अग्रिम जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी, जिसे न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया।
इसके पश्चात 14 अक्टूबर 2026 को तीनों आरोपियों द्वारा न्यायालय में आत्मसमर्पण किए जाने के बाद पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में यूट्यूबर दीपक यादव (23 वर्ष, निवासी टांगरमहरी), श्रवण यादव (34 वर्ष, निवासी पुटसु) और सूर्या यादव (20 वर्ष, निवासी बलरामपुर) शामिल हैं।
इस घटना के बाद बलरामपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ करें। किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने से पहले तथ्यों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें तथा किसी भी प्रकार की अवैध मांग या धमकी मिलने पर तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें।

