दिल्ली/ मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण होटल-रेस्टोरेंट अग्निकांड ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया. हौज रानी इलाके स्थित इमारत में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा परिसर धुएं और लपटों से भर गया. इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
इस अग्निकांड को लेकर अब कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. प्रारंभिक जांच और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार होटल के संचालन, भवन निर्माण और फायर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
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पता चला है कि इस होटल का मालिक लोकेश बजाज है और इस कारोबार में उसके साथ दो और पार्टनर भी जुड़े हुए हैं. बताया जा रहा है कि इन लोगों के दिल्ली में कई अन्य होटल और गेस्ट हाउस भी चलते हैं. जिस इमारत में आग लगी है, वह छह मंजिला है और रिहायशी क्षेत्र में स्थित है. रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी व्यावसायिक इमारत चलाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सबसे गंभीर तथ्य फायर सेफ्टी को लेकर सामने आया है. दिल्ली फायर विभाग के अनुसार इस होटल को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया था. ऐसे में यह सवाल खड़ा हो गया है कि बिना वैध फायर सेफ्टी मंजूरी के होटल संचालन कैसे जारी रहा.
दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 9:45 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर कई दमकल गाड़ियां और रेस्क्यू टीमें भेजी गईं. अधिकारियों के मुताबिक बचाव अभियान के दौरान करीब 21 लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया और उन्हें CATS एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया. वहीं अब इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. अब तक 37 लोगों को रेस्क्यू किया गया है.
घटना के समय मौजूद लोगों के अनुसार आग लगने के बाद होटल और रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई. कई लोग धुएं में फंस गए जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे रेस्टोरेंट से हुई. हालांकि आग लगने की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और दिल्ली प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

