नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह चार दिन की यात्रा पर फ्रांस गए हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
यह भारतीय वायु सेना के इतिहास में लड़ाकू विमानों की खरीद की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत ने राफेल जेट खरीदने के लिए फ्रांस को एक आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। अब फ्रांस इसकी कीमत, उत्पादन क्षमता और लॉजिस्टिक्स सहायता से जुड़ी विस्तृत जानकारी के साथ जवाब देगा।
मेक इन इंडिया को बड़ा बूस्टअप मिलने वाला है. सरकार ने तय किया है कि राफेल फाइटर जेट अब भारत में ही बनाया जाएगा. बातचीत पूरी होने के बाद भारत सरकार ने फ्रांस को 3.25 लाख करोड़ के सौदे के लिए पत्र भेजा. इससे 114 राफेल फाइटर जेट की खरीद की जाएगी. इनमें से 94 का निर्माण भारत में होगा.
कलेक्ट्रेट में जनदर्शन के दौरान पहुंचे शख्स ने की आत्मदाह की कोशिश, BJP पार्षद पर लगाए गंभीर आरोप
गागर नदी में डूबकर युवक की मौत : 2 दिन बाद तैरती मिली लाश
पर्यटन के जरिए नई पहचान गढ़ेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
राफेल बनाने वाली फैक्ट्री अब भारत में होगी. भारत ने फ्रांस को लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के बड़े सरकारी सौदे के लिए अनुरोध पत्र भेजा है. इसके तहत एयरफोर्स के लिए 114 राफेल फाइटर जेट खरीदे जाएंगे. रक्षा मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, पिछले हफ्ते रक्षा मंत्रालय के अधिग्रहण विंग ने फ्रांसीसी अधिकारियों को यह पत्र भेजा. इस सौदे के तहत 94 राफेल जेट फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन और एक भारतीय कंपनी की साझेदारी में भारत में ही बनाए जाएंगे. फ्रांस की तरफ से अगले दो-तीन महीनों में इस पत्र का जवाब आने की उम्मीद है और दोनों देशों के बीच अगले एक साल में बातचीत और सौदा पूरा हो सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून के मध्य में फ्रांस जा सकते हैं और राफेल सौदे पर फ्रांसीसी नेतृत्व के साथ चर्चा होने की संभावना है. भारत के पास लड़ाकू विमान स्क्वाड्रनों की भारी कमी है और इसे पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में 4.5 जेनरेशन प्लस राफेल विमान शामिल किए जा रहे हैं. भारतीय वायु सेना और नौसेना पहले ही 62 राफेल विमान का ऑर्डर दे चुके हैं, और 114 राफेल के ऑर्डर से यह संख्या 176 हो जाएगी. भारतीय नौसेना ने समुद्री खतरे से निपटने के लिए 31 और राफेल विमान शामिल करने की इच्छा जताई है, जिससे देश में राफेल की संख्या 200 से ज्यादा हो सकती है.

