ओडिशा/ सोमवार दोपहर ओडिशा के क्योंझर ज़िले के एक बैंक के कर्मचारी और वहां मौजूद ग्राहक स्तब्ध थे. दरअसल 52 वर्षीय जीतू मुंडा कंधे पर कंकाल लेकर बैंक में दाख़िल हुए थे.
ये ओडिशा ग्रामीण बैंक की पाटना ब्लॉक के मल्लीपोशी गांव की ब्रांच थी. जीतू मुंडा पाटना ब्लॉक के दियानाली गांव के रहने वाले हैं. वह अपनी बहन के ग्रामीण बैंक खाते से 19,300 रुपये निकालना चाहते थे. कलरा मुंडा और सुकरु मुंडा का एक बेटा था. लेकिन पति और बेटे की मौत के बाद वह अपने मायके दियानाली लौट आई थीं और दिहाड़ी मज़दूर के रूप में काम करके जीवनयापन कर रही थीं. कुछ महीने पहले कलरा ने अपना एक बछड़ा बेचा था और इससे मिले 19,300 रुपये अपने खाते में जमा किए थे.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का किया शुभारंभ
पश्चिम बंगाल में बंपर वोटिंग : दोपहर 3 बजे तक 78 प्रतिशत से अधिक वोटिंग, हुगली में 88 प्रतिशत मतदान
कंकाल लेकर क्यों पहुंचे बैंक?
जीतू ने कहा, “मैं कई बार बैंक मैनेजर को समझाने आया था कि मेरी बहन की दो महीने पहले मृत्यु हो चुकी है. जब बैंक मैनेजर ने मेरी बात सुनने से इनकार कर दिया और खाताधारक को लाने या क़ानूनी वारिस के दस्तावेज़ देकर मृत्यु का प्रमाण पेश करने पर ज़ोर दिया, तो निराश होकर मैं उन्हें सबूत दिखाने के लिए कंकाल ले आया.”

