ग्रेटर नोएडा/एआई Impact समिट 2026 में ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर चीन के रोबोटिक डॉग को अपना बताकर पेश करने के आरोप लगे हैं. समिट में यूनिवर्सिटी की तरफ से इस रोबोट को भारत में विकसित AI टेक्नोलॉजी के तौर पर पेश किया गया था. दावा था कि यह रोबोट यूनिवर्सिटी की इन हाउस डेवलपेड तकनीक है. यूनिवर्सिटी का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सरकारी सूत्रों ने बताया है कि उन्हें एआई समिट एक्सपो को तत्काल खाली करने के लिए कहा गया है.
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल
देसी AI रोबोट को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह रोबोट असल में चीन की कंपनी का बना हुआ मॉडल है. china pulse ने सोशल मीडिया पर रोबोट की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर दावा किया कि यह वही मॉडल है, जो पहले चीन की एक रोबोटिक्स कंपनी द्वारा प्रदर्शित किया जा चुका है. अब सामने आया है कि ये दरअसल चीनी कंपनी Unitree Robotics का मॉडल है, जिसे विदेश से खरीदा गया था न कि भारत में बनाया गया है.
यूनिवर्सिटी की सफाई
यूनिवर्सिटी का कहना है कि उन्होंने इसे डेवलप करने का दावा कभी नहीं किया, बल्कि यह छात्रों के सीखने के लिए लाया गया एक टूल है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि मीडिया से बातचीत के दौरान रोबोटिक डॉग के फीचर्स समझा रही हैं. वीडियो में इसे ओरियन नाम दिया गया और कहा गया कि इसे यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ने तैयार किया है.
क्या है Go2 रोबोटिक डॉग
देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इस वीडियो के सामने आने के बाद कई टेक एक्सपर्ट्स और यूजर्स ने दावा किया कि यह असल में चीनी कंपनी यूनिट्री का Go2 मॉडल है, जो बाजार में 2 से 3 लाख रुपये की कीमत में उपलब्ध है. इस एआई-पावर्ड रोबोटिक डॉग में 4D LiDAR तकनीक का इस्तेमाल हुआ है, जिसकी मदद से ये सीढ़ियां चढ़ने के अलावा ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी आसानी से चल सकता है.

