सूरजपुर। जिले के रामानुजनगर के प्राइवेट स्कूल में केजी-टू के छात्र को होमवर्क नहीं करने पर पेड़ से लटकाने और मसिरा हाईस्कूल के छात्रों के पांच मिनट देर में आने से बैग फेंकने के मामले में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हल्ला बोला। जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के जबरन अंदर घुसने के दौरान कलेक्टर के मेन गेट को तोड़ डाला। वहीं गेट के सामने बैठ कर डीईओ के खिलाफ नारेबाजी कर जिला शिक्षा अधिकारी को बाहर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
कलेक्टर कार्यालय का मेन गेट तोड़ने की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम शिवानी जायसवाल मौके पर पहुंची और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर भड़क गयीं।
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स्कूल की मान्यता बरकरार रखने पालकों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
इधर मासूम को पेड़ से लटकाने के मामले में परिजन और बच्चे भी कांग्रेस नेत्री शशि सिंह की अगुवाई में कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपा। पालकों ने बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए स्कूल की मान्यता को बरकरार रखने की मांग की। ज्ञात हो कि इस मामले में हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेकर मामले को काफी गंभीर माना और सचिव स्कूल शिक्षा विभाग से शपथ पत्र में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 9 दिसंबर को तय की गई है। मामले को लेकर कोर्ट ने कहा था कि शिक्षा के नाम पर बच्चों के साथ क्रूरता और निजी स्कूलों में अव्यवस्था असहनीय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शासन को इसे गंभीरता से लेना होगा। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि मामले में शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया है और स्कूल की मान्यता समाप्त करने की नोटिस दी गई है।
शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज
वहीं बालक को पेड़ से लटकाये जाने के मामले में रामानुजनगर थाना प्रभारी द्वारा आरोपी शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज किये जाने की जानकारी दी गयी है। उन्होनें बताया कि उक्त कृत्य में शाला प्रबंधन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

