अम्बिकापुर। 23 जनवरी। रिहन्द टाइम्स। सरगुजा पुलिस को अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले दिनों गिरफ्तार किये गये सटोरिये के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी, जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
ज्ञात हो कि आरोपी आयुष सिन्हा लंबे समय से सट्टा खिलवाने के मामले में वांछित था। न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ उद्घोषणा भी जारी की गई थी, लेकिन वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने पुणे में दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा। ट्रांजिट रिमांड पर अंबिकापुर लाने के बाद पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की।
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0 पूछताछ में खुले कई बड़े राज
पूछताछ के दौरान आयुष सिन्हा ने स्वीकार किया कि वह अवैध सट्टा पैनल का संचालन करता था। उसने यह भी कबूला कि वह अपने परिचितों और अन्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर सट्टे के पैसों का लेनदेन करता था। आरोपी ने अपने इस काले कारोबार में शामिल 20 अन्य साथियों के नामों का भी खुलासा किया है, जिनमें सुधीर गुप्ता, राहुल अग्रवाल, सोम गुप्ता और अन्य शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपी का दो दिन का रिमांड लिया और सर्च वारंट के साथ उसके घर की तलाशी ली। परिजनों की अनुपस्थिति में ताला तोड़कर की गई इस कार्रवाई में पुलिस को नकदी 6 लाख 45 हजार रुपये के साथ सोने के टप्स, नथिया, अंगूठी, 19 जोड़ी बिछिया, कड़ा और पायल मिला। साथ ही 07 एटीएम कार्ड, पासबुक और जमीन संबंधी कागजात भी मिले।
0 संपत्ति की होगी जांच
पुलिस को जांच में आरोपी की कई अन्य संपत्तियों के बारे में भी सुराग मिले हैं। इन संपत्तियों के सत्यापन के लिए राजस्व विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने सट्टे की कमाई से कहां-कहां निवेश किया है।
वहीं इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अवैध सट्टा और अपराध के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है, जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी।

