नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजारों में आज 13 मार्च को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,500 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 23,200 के भी नीचे चला गया। FMCG इंडेक्स को छोड़कर निफ्टी के बाकी सभी 15 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
भारतीय शेयर बाजारों में आज 13 मार्च को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,500 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 23,200 के भी नीचे चला गया। FMCG इंडेक्स को छोड़कर निफ्टी के बाकी सभी 15 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। मिडिल ईस्ट में जंग खत्म न होने के संकेत ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
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कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रहा। ईरान ने दो ऑयल टैंकरों पर हमले की खबरों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं।
भारत जैसे देश के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें चिंता का विषय होती हैं क्योंकि इससे इंपोर्ट बिल बढ़ता है, चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है और महंगाई पर दबाव बनता है। इसका असर कंपनियों की कमाई और निवेशकों की धारणा दोनों पर पड़ता है।
कमजोर ग्लोबल संकेत
ग्लोबल बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। एशियाई बाजारों में साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। अमेरिकी बाजार भी पिछले सेशंस में दबाव में बंद हुए। डाउ जोन्स इंडेक्स 700 अंकों से अधिक गिरकर इस साल पहली बार 47,000 के स्तर से नीचे बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स और नैस्डैक में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।

