मुम्बई। 30 जनवरी। एजेंसी।
सोने-चांदी की तूफानी रफ्तार पर आखिर ब्रेक लग ही गया। जिस तेजी ने निवेशकों को झूमने पर मजबूर कर दिया था, उसी बाजार ने शुक्रवार, 30 जनवरी को तगड़ा झटका दे दिया।
एमसीएक्स पर फरवरी 2026 डिलीवरी वाला सोना 9 प्रतिशत तक टूट गया और अपने ऑलटाइम हाई से सीधा 15000 रुपए सस्ता हो गया। इसकी कीमत पिछले सत्र के 1,83,962 रुपए से फिसलकर 1,54,157 रुपए के लेवल पर पहुंच गई।
चांदी का हाल तो और भी खराब रहा। जो कीमतें आसमान छू रही थीं, वे औंधे मुंह गिरीं। इसमें 15 फीसदी की भारी गिरावट आई और अपने ऑलटाइम हाई 4,20,000 रुपए से लुढ़ककर 3,39,910 रुपए पर आ गई। यानी एक ही झटके में 80,000 रुपए की भारी गिरावट। तेजी के नशे में बैठे निवेशकों के लिए ये गिरावट कड़वी हकीकत बनकर सामने आई है।
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ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल का कहना है कि अगर ग्लोबल हालात सुधरे, टैरिफ तनाव कम हुआ या डॉलर फिर मजबूत हुआ, तो सोना 60-70 प्रतिशत तक गिर भी सकता है। इतिहास में 1980 और 2012 जैसे उदाहरण हैं, जब सोना लंबी तेजी के बाद भारी टूटा।

