अम्बिकापुर, 24 अप्रैल। राम मंदिर के पास मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान में लगी भीषण आग के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने नगर में संचालित फटाका गोदामों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है कि नगर अम्बिकापुर के सभी फटाका दुकानों के भण्डारण-गोदामों को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए। इसके साथ ही कलेक्टर ने मुकेश फटाका व प्लास्टिक दुकान में लगी आग की जांच के लिए संयुक्त दल का भी गठन किया है जो 7 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।
कलेक्टर द्वारा एसडीएम को जारी निर्देश में नगर अम्बिकापुर में कुल 8 स्थाई फटाका लायसेंसधारी एवं 2 फटाका निर्माण के लायसेंसधारियों के दुकान/गोदाम संचालित होने की जानकारी दी है जिनमें मो० जुनैद, सतीश कुमार जैन, विनोद कुमार जैन, रोशनलाल गोयल, आशीष कुमार अग्रवाल, अजय कुमार गोयल, गौरीशंकर पाण्डेय, मुकेश कुमार अग्रवाल (दो प्रविष्टियां, जिनमें एक फटाका निर्माण हेतु) तथा मनोज कुमार मारू (फटाका निर्माण हेतु) शामिल हैं।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी अम्बिकापुर को निर्देशित किया गया है कि संबंधित सभी फटाका गोदामों का निरीक्षण कर इन तथ्यों की जांच करें कि क्या ये सभी गोदाम रिहायसी क्षेत्र में स्थित हैं ? क्या गोदाम तक आकस्मिक स्थिति में अग्निशमन वाहन के पहुंचने हेतु पर्याप्त मार्ग उपलब्ध है? क्या वर्तमान में लायसेंस की शर्तों का पालन किया जा रहा है? यदि जांच के दौरान अवैध भण्डारण अथवा घनी आबादी के बीच गोदाम पाए जाते हैं तो वैधानिक कार्यवाही करते हुए उन्हें स्थानांतरित कराया जाए?
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि समस्त फटाका गोदामों का निरीक्षण कर 7 दिवस के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
दुकान में आग लगने के प्रकरण की जांच हेतु संयुक्त दल गठित
शहर के बीच हुई आगजनी की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सरगुजा द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर सात दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगजनी की घटना के परिप्रेक्ष्य में पुलिस अधीक्षक सरगुजा के पत्र के आधार पर पुलिस, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए जांच दल गठित किया गया है। जिसमें एसडीएम, सीएसपी, क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के प्रतिनिधि, जिला नगर सेना तथा नगर पालिक निगम के कार्यपालन अभियंता को शामिल किया गया है।
जिला दण्डाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है कि जांच दल घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करे, ताकि आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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